shabar mantra

सिद्ध शाबर मंत्र


सिद्ध शाबर मंत्र- एक ऐसा मंत्र है जो अपने आप मे वो काबिलियत रखता है जिसके उच्चारण मात्र से इंसान के हर रुके हुए कार्य पूर्ण हो जाते है व कृपा होती है। अगर आप इससे ज्यादा परिचित नहीं है तो हम आपको बता दे कि शाबर मंत्रों के प्रवर्तक मुख्य रूप से भगवान शिव के ही परम भक्त थे। गुरु गोरखनाथ और गुरु मछन्दर नाथ को इन मंत्रों की उत्पति का श्रेय जाता हैं। इनका प्रभाव स्थिर होने के साथ इन मंत्रों का उच्चारण आसान होता है। इस मंत्र की विशेषता ये भी है की अगर आप किसी तांत्रिक विद्या का शिकार है तो शबर मंत्र से उसे भी काट सकते है। शाबर मंत्रों की पूर्ण सफलता के लिये ‘शाबरी-यन्त्र’ को सिद्ध करना चाहिए।

मंत्र मे व्रत, हवन, पूजा आदि की जरूरत नहीं होती है और कोई भी इसका उच्चारण कर सकता है। ध्यान रखे की इस मंत्र का प्रयोग करने से पहले आप लाल या सफेद रंग का एक आसन बिछा ले और फिर पूरी श्रद्धा के साथ शाबर मंत्र  का जाप करे। लेकिन अगर आप सिर्फ इन मंत्रों की ताकत को आजमाने के इरादे से इन्हे बोलते है तो ये अपना पूर्ण प्रभाव नहीं दिखाते है। इसी तरह ही अगर शाबर मंत्र को सभा के बीच बोल दिया जाए तो मंत्र अपना असर छोड़ देते है।

शाबर मंत्र के जन्मदाता स्वय शिव है, तो इसका प्रभाव सफल होता है और साथ ही शिव जी से संबन्धित शाबर मंत्रो मे “अवधूत शाबर मंत्र” को ज्यादा माना गया है। इसके अलावा “यतिनाथ शाबर मंत्र” विद्या द्वारा शिवप्रसाद प्राप्त किया जा सकता है। हम आपको बताते है की कैसे आप अपने किसी काम को जल्दी सिद्ध करने के लिए ये उपाय कर सकते है। इसके लिये आप अपने सामने लकड़ी के एक पाट पर रेशम का एक पीला कपड़ा बिछा ले। फिर उसपर 3 या 5  मुट्ठी अक्षत रख दे और उसके सामने कागज पर छपा हुआ या धातु पर उत्कीर्ण ‘शाबर-यन्त्र’ रखें। इसके बाद उस यन्त्र पर चन्दन, रोली लगाए व यन्त्र के सामने दीप जलाए, फिर पुष्प और प्रसाद चढ़ा दे। इसके बाद यन्त्र के सामने हाथ जोड़कर ‘गणपति, और ‘गुरु’ ध्यान करते हुए ये मन्त्र पढ़े-

ॐ ह्राङ्क ह्रीङ्क क्लीङ्क ह्रौङ्क ब्ल्युङ्क ह्रौङ्क हुँः।

ऊपर बताए मन्त्र को पढ़ने के बाद फिर ये मन्त्र जपें- ॐ नमो महा-शाबरी शक्तिमम अनिष्ट निवारय-निवारय। मम कार्य-सिद्धि कुरु-कुरु स्वाहा। मंत्र जाप के बाद आप यन्त्र को प्रणाम कर स्वच्छ वस्त्र आदि में अपने पास रखें। ऐसा करने से न सिर्फ संकटों का निवारण होगा बल्कि घर से दुःख-दारिद्रता मिटती है व धन प्राप्त होता है।

यही नहीं हम आपको वो शाबर मंत्र भी बताते है, जिसके प्रयोग से आप देवी लक्ष्मी को प्रसन्न कर घर मे सुख-स्मृधि ला सकते है। ये मंत्र है -“ॐ नमः विष्णु-प्रियायै, ॐ नमः कामाक्षायै, ह्रीं ह्रीं ह्रीं क्रीं क्रीं क्रीं श्रीं श्रीं श्रीं फट् स्वाहा.” शुभ मुहर्त पर इस मंत्र का जाप करने से इसका प्रभाव अधिक होता है। लक्ष्मीजी की कृपा होती आपको बस इतना करना होगा की दिवाली की शाम मिट्टी के 5 दीपक मे गाय का घी डालकर रुई की बत्ती जला दे। अब मां कामाक्षा का ध्यान करते हुए लक्ष्मी जी को उन दीप का दान करे। ऊपर बताए मंत्र का फिर 108 बार जाप करे। दीप सारी रात जले, इसका ध्यान जरूर रखे और मंत्र का जाप भी साथ-साथ करते रहे। इसके बार प्रातःकाल उठकर, दीपों के बुझ जाने के बाद उन्हें नए कपड़े में बाँधकर  किसी बक्से में डाल दे। ऐसा करने से लक्ष्मी जी का वास उसमें हो जाएगा। आप हर शाम दीप जलाते हुए उस मंत्र का 5 बार जाप करे तो घर मे धन-संपन्नता बनी रहेगी।

बात सिर्फ धन-संपत्ति तक ही सीमित नहीं होती। जीवन मे ऐसे कितने ही दूसरे मुद्दे व विषय होते है, जिसके बारे मे भी हम अक्सर सोचकर परेशान हो जाते है। उन्हे मुद्दों मे से एक है प्यार-मोहब्बत की दुनिया। इसका अपना ही एक अलग महत्व है, जिससे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है। अगर आपके साथी की रुचि आपमे कम हो रही है तो इसे लिए आप एक खास टोटका अपना सकते है, जिसके अंतर्गत केला में गोरोचन मिलाकर इसके लेप को सिर पर लगाएं। ऐसा करने से सामने वाले व्यक्ति में आकर्षण शक्ति आ जाती है। इसी तरह नारियल, धतूरे के बीज, कपूर को पीसकर इसमें शहद मिला ले और फिर नियमित रूप से इसका तिलक करे। ऐसा करने से आपका  प्यार आपके पास वापस आ जाता है। यही नहीं आप इस मंत्र का सहारा भी ले सकते है: ‘ॐ कामदेवाय विद्महे, रति प्रियायै धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात‍्।’ इस मंत्र का जाप करने से दांपत्य जीवन मे प्यार बढ़ता है। वैसे कामदेव का शाबर मंत्र भी है, जिसके जाप से आकर्षण शक्ति आती है। वो जाप है : ‘ॐ नमो भगवते कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि यस्य यस्य मम मुखं पश्यति तं तं मोहयतु स्वाहा।’

अब आगे रुख करते हुए शाबर मंत्र का प्रयोग वशीकरण के क्षेत्र मे देखा जाये तो उसके लिए भी हम आपको एक मंत्र बताते है। मंत्र:  “बारा राखौ, बरैनी, मूँह म राखौं कालिका। चण्डी म राखौं मोहिनी, भुजा म राखौं जोहनी। आगू म राखौं सिलेमान, पाछे म राखौं जमादार। जाँघे म राखौं लोहा के झार, पिण्डरी म राखौं सोखन वीर। उल्टन काया, पुल्टन वीर, हाँक देत हनुमन्ता छुटे। राजा राम के परे दोहाई, हनुमान के पीड़ा चौकी। कीर करे बीट बिरा करे, मोहिनी-जोहिनी सातों बहिनी। मोह देबे जोह देबे, चलत म परिहारिन मोहों। मोहों बन के हाथी, बत्तीस मन्दिर के दरबार मोहों। हाँक परे भिरहा मोहिनी के जाय, चेत सम्हार के। सत गुरु साहेब।” नींबू,सिन्दूर, गुड़ व नारियल का भोग लगाकर, इस मंत्र का जाप किसी भी समय 108 बार करने से विशेष फल मिलता है, जैसे की ये मंत्र स्वयं सिद्ध है। रुद्राक्ष की माला द्वारा जाप करना और भी अच्छा होता है। इस मंत्र की मदद से घर की कई समस्या दूर हो जाती है, चाहे फिर वो कोर्ट-कचहरी का मामला हो, या आपसी लड़ाई-झगड़े, या नौकरी-चाकरी की समस्या या फिर शत्रु-वशीकरण ही क्यूँ न हो।

इतने सारे उपाय व मंत्र को जन लेने के बाद यकीनन आपको अपनी समस्यों से निपटनी की एक राह नज़र आ रही होगी। वैसे भी कही-न-कही इन मंत्रों की रचना के पीछे, लोगों को उनकी समस्या से निजात दिलाने की ही भावना रही है। उसी भावना से प्रभावित होकर आज इंसान इनकी तरफ रुख करते हुए एक सुखी जीवन की उम्मीद करता है।

शक्तिशाली शाबर वशीकरण मंत्र


क्या किसी स्त्री और पुरुष को शक्तिशाली शाबर वशीकरण मंत्र टोने टोटके का प्रयोग कर अपने काबू में करना चाहते है ? तंत्र-मंत्र-यंत्र और ज्योतिषीय उपायों में पुरुष या स्त्री को वशीकरण करने के कई तरीके बताए गए हैं।  इन्हीं में शाबर वशीकरण के मंत्र भी हैं। कोई पति को अपने वश में रखना चाहती है, तो कोई चाहता है कि उसकी पत्नी हमेशा उसके सम्मोहन में बंधी रहे। किसी पर-पुरुष की ओर आंख उठाकर भी नहीं देखे। ऐसे ही प्रेमी-प्रेमिका की इच्छा रहती है कि उनके बीच आपसी प्रेम हमेशा बना रहे। इन सबके लिए किए जाने वाले वशीकरण के उपाय अचूक असर वाले होते हैं।

कुछ उपाय सरल होते हैं, जबकि कुछ के शाक्तिशाली प्रभाव के लिए गहन तपस्या और तांत्रित अनुष्ठान किए जाते हैं। हालांकि अधिकतर शाबर मंत्र अपने-आपमें सिद्ध होते हैं, ये केवल थोड़े जप के बाद ही बहुत ज्यादा चमत्कारी प्रभाव दिखाते हैं। और तो और, इनके प्रभाव काफी स्थायी होते हैं तथा इनकी काट असंभव है। आईए, एक नजर डालते हैं उन मंत्रों पर जिनकी मदद से समस्याओं का समाधान किया जा सकता है और वशीकरण का प्रभाव प्राप्त किया जा सकता है।

स्त्री वशीकरण शाबर मंत्र: कोई स्त्री कुंवारी हो, या व्याहता उसे मोहित करने के लिए सदियों से प्रचलन में शाबर मंत्र बहुत ही उपयोगी साबित होते हैं। इसके प्रभाव में आकर स्त्री काफी हद तक वशीभूत हो जाती है। इन मंत्रों को किसी तांत्रिक के सानिध्य में बताए गए विधि के अनुसार करना चाहिए तथा इसका प्रयोग स्वार्थरहित भावना से सच्चाई के लिए किया जाना चाहिए। इस संबंध मं तीन मंत्र इस प्रकार हैंः-

मंत्र 1.

ओम नमो काला भैरूं,

काली रातकाला चाल्या आध् रात,

काला रेत मेरा वीर,    

पर नारी के राखे सीरबेगी जा छाती धर ला,

सूती हो जो जगाय ला,

शब्द सांचा पिण्ड कांचा पफूरो मंत्रा ईश्वरी वाचा।

इस मंत्र के इस्तेमाल से पहले किसी पर्वकाल, होली, दीवाली या ग्रहण पर 21 दिनों तक सिद्ध कर लिया जाता है। वैसे यह सिद्धि सात दिनों की भी हो सकती है। उसके बाद इन्हीं में किसी एक मौके पर या रविवार को पुष्य नक्षत्र में अरंड की सूखी डाल को एक झटके में तोड़ लाएं। उसे जलाकर सरसो या तीसी के तेल में काजल बनाएं। उस काजल पर मंत्र छिड़ककर वशीभूत किए जानेवाली स्त्री के शरीर पर कहीं भी लगा दें। वैसे इस काजल को शरीर के किसी अंग या कपड़े पर कहीं भी लगाया जा सकता है। एसा करते ही कुछ समय बाद उसके स्वाभाव में बदलाव और वशीकरण का असर दिखने लगता है।

मंत्र-2.

ओमजल मोहूंथल मोहूंजंगल की हिरणी मोहूं,

बाट चलंता बटोही मोहूंकचहरी बैठी राजा मोहूं,

पीढ़ा बैठी रानी मोहूंमोहनी मेरा नाम,

मोहूं जग संसारतारा तरीला तोतला तीनों बसैं कपाल,

मस्तक बैठी मात के दुश्मन करूं पामाल,

मेरी भक्ति गुरु की शक्ति पुफरो मंत्र ईश्वरी वाचा।

पहले मंत्रं की तरह ही इस मंत्र के प्रयोग से पहले 21 दिनों तक सिद्ध किया जाता है। इसकी शुरुआत शनिवार से कि जाती है तथा आधी रात के समय नित्य जाप किया जाता है। हर मंत्र के साथ अग्नि में गुगल की आहूति दी जाती है। इसके प्रयोग के समय कोई मिठाई पर मंत्र को 21 बार पढ़कर वशीकरण किए जाने वाली स्त्री को खिला देने से वह वशीभूत हो जाती है।

मंत्र-3.

ओम सत्ता नाम आदेश गुरु को, लौंग तू मेरा भाई,

चार लौंग ने शक्ति चलाई, पहली लौंग राती माता,

दूजी लौंग जोबन जाती, तीजी लौंग अंग मरोड़े,

चैथी लौंग दोऊ कर जोड़े, चारो लौंग जो मेरी खाए

अमुकी अमुक के पास चली आए,

मेरी भक्ति गुरु की शक्ति फूरो मंत्र ईश्वरी वाचा।

इस मंत्र का जाप सिद्धि के लिए रविवार से शुरुकर नित्य 41 बार आधी रात को 21 दिनों तक करना चाहिए। इससे चार लौंगों पर अभिमंत्रित किया जाते जिस जिस किसी औरत को खिला दिया जाए वह जीवनपर्यंत वश में रहती है।

 प्यार की चाहतः मनचाहे प्यार को हासिल करने का एक बहुत ही उपयोगी शाबर मंत्र हैः-

ओम नमो धूलि धूलि,

विकट चांदनी पर मारूं धूलि।

धूलि लगेबने दीवानी।

घर तजेबाहर तजे।

ठाडा तजे भर्तार दीवानी।

तू नाहरसिंह वीर अमुक को उठाय लाव।

न लाय तो हनुमान वीर की दुहाय।

मेरी भक्तिगुरु की शक्तिफुरो मंत्र ईश्वरोवाचा।

इस मंत्र की सिद्धि के लिए शनिवार को श्मशान से किसी स्त्री की चिता की राख लाई जाती है। उस राख को इस मंत्र से 108 बार अभिमंत्रित कर उससे जिस किसी स्त्री को तिलक लगाया जाए या उसके सिर पर फूंक मारकर डाल दिया जाए वह निश्चित तौर वशीभूत हो जाती है।

भैरव वशीकरण मंत्रः इसके लिए तीन शाबरी मंत्र के रूप में अचूक परिणाम देने वाले हैं। वह मंत्र हैः-

1.ओम नमो रुद्रायकपिलायभैरवायत्रिलोक-नाथायओम फट् स्वाहा।

इस भैरवी मंत्र को पहले 15000 बार जाप कर सिद्ध किया जाता है। इसके लिए किसी रविवार को गुग्गल, धूप, दीपक के साथ सामान्य अनुष्ठान किए जाते हैं। इस क्रम में इस मंत्र का 108 बार जाप कर लौंग को अभिमंत्रित कर लिया जाता है। उस लौंग को जिस किसी को खिलाया जाता है वह वशीभूत हो जाता है।

2.मंत्रः ओम नामो काला गोरा भैरुं वीरपर नारी सूं देही सीर।

गुड़ परिदीयी गोरख जाणीगुद्दी पकड़ दे भैंरु आणीगुड़रक्त की धारि ग्रासकदे न छोड़े मेरा पाश।

जीवत सवै देवरोमुआ सेवै मसाण। पकड़ पलना ल्यावे।

 काला भैंरु न लावेतो अक्षर देवी कालिका की आण।

फुरो मंत्रईश्वरी वाचा।

इस मंत्र का 21,000 बार जाप करने के बाद गुड़ को 21 बार जाप से अभिमंत्रित किया जाता है। फिर उस मंत्र को वशीकरण किए जाने वाले व्यक्ति को खिलाया जाता है।

3.मंत्रः ओम भ्रांभ्रां भूं भैरवाय स्वाहा। ओम भं भं भं अमुक-मोहनाय स्वाहा। इस मंत्र को सात बार जाप कर पीपल के पत्ते को अभिमंत्रित कर लिया जाता है। अब जिसे वशकरीण करना होता है उसके घर में उसी पत्ते पर मंत्र को लिखकर फेंक दिया जाता है। या फिर उसके घर के पीछे जमीन में दबा दिया जाता है। यह बहुत ही अचूक टोटके की तरह काम करता है।

उर्वशी यंत्र से साधनाः शबर मंत्र के तौर पर वशीकरण के लिए उर्वशी यंत्र का उपयोग किया जाता है। इसके लिए रात्री में जाप किया जाने वाला मंत्र ओम सं सौन्दर्योत्तमायै नमः है। इसके जाप से पहले उपलब्ध यंत्र के अनुरूप कुमकुम या कस्तूरी के बुरादे से यंत्र तैयार किया जाता। उसके बाद सफेद परिधान में धूप-दीप, पुष्प आदि से पूजन किया जाता है। पूजा में सफेद फूल का उपयोग किया जाता है। उसके बाद पांच माला से दिए गए मंत्र का जाप किया जाता है। ऐसा पांच दिनों तक किया जाता है और अंतिम दिन रात को हवन का अनुष्ठान किया जाता है। इस यंत्र साधना से जिस किसी को वशीकरण करने का संकल्प लिया जाता है, उस संबंध में मनोकामना पूर्ण होती है।

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    vashikaran mantra
    vashikaran specialist

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  2. Kya koe gharwala ko mañana ka upa ha to muja jald bata da please

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